कानपुर में भ्रष्टाचार पर बड़ा प्रहार! करोड़ों की अवैध संपत्ति बनाने वाले लेखपाल आलोक दुबे पर शिकंजा कस गया है।


मार्च 2026 की ताजा खबरों के अनुसार, कानपुर में लेखपाल आलोक दुबे को आय से अधिक संपत्ति के मामले में राजकीय सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। [1, 2] 
इस मामले की मुख्य जानकारी नीचे दी गई है:

* बर्खास्तगी का आदेश: कानपुर के मंडलायुक्त (कमिश्नर) के. विजयेन्द्र पांडियन ने 7 मार्च, 2026 को आलोक दुबे की अपील खारिज करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से सेवा से हटा दिया।
* अकूत संपत्ति का खुलासा: जांच में पाया गया कि लेखपाल के पास कानपुर, दिल्ली और नोएडा जैसे शहरों में ₹50 करोड़ से अधिक की 41 संपत्तियां हैं।
* पद का दुरुपयोग: आलोक दुबे पर आरोप था कि उन्होंने राजस्व निरीक्षक (कानूनगो) और लेखपाल के पद पर रहते हुए भू-माफियाओं के साथ मिलकर जमीनों की अवैध खरीद-फरोख्त की और निजी लाभ कमाया।


* कानूनी कार्रवाई: मार्च 2025 में उनके खिलाफ भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया था। वह पहले कानूनगो के पद से डिमोट होकर लेखपाल बनाए गए थे और अंततः अब उन्हें बर्खास्त कर दिया गया है।


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