फर्जी रजिस्ट्री वाले प्लॉटों पर तन गईं इमारतें, अब तक 126 मामले सामने आए, नक्शा पास करने पर भी स

Lucknow Buildings Fake Registration: लखनऊ में फर्जी रजिस्ट्री वाले प्लॉट्स पर इमारतों के निर्माण का मामला सामने आया है। अब तक इस प्रकार के 126 केस सामने आए हैं। इसके बाद नक्शा पास किया जाना भी सवालों के घेरे में आ गया है। संपत्ति विभाग के बाबू इस मामले में जांच के दायरे में आ रहे हैं।


उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में फर्जी रजिस्ट्री वाले प्लॉटों पर इमारतों के निर्माण का मामला गरमा गया है। एसटीएफ के हत्थे चढ़े जालसाज फर्जी रजिस्ट्री के लिए एलडीए की कॉलोनियों में ऐसे प्लॉट तलाशते थे, जिनके मालिक बरसों से निष्क्रिय थे। फिर ये जालसाज फर्जी कागजात बनाकर नकली मालिक की जगह किसी और खड़ा कर देते और रजिस्ट्री करवा लेते। एनबीटी टीम ने शुक्रवार को विशेष खंड दो, वास्तु खंड तीन और विनम्र खंड एक में फर्जी तरीके से बेचे गए प्लॉटों की मौके पर पड़ताल की तो कई दो से तीन मंजिला मकान बने मिले। ऐसे में इन मकानों का नक्शा पास होने पर भी सवाल उठ रहे हैं। इसके अलावा कई प्लॉट अब भी खाली पड़े हैं।

Lucknow Buildings Fake Registration: लखनऊ में फर्जी रजिस्ट्री वाले प्लॉट्स पर इमारतों के निर्माण का मामला सामने आया है। अब तक इस प्रकार के 126 केस सामने आए हैं। इसके बाद नक्शा पास किया जाना भी सवालों के घेरे में आ गया है। संपत्ति विभाग के बाबू इस मामले में जांच के दायरे में आ रहे हैं।Lucknow Fake Registry Building News

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में फर्जी रजिस्ट्री वाले प्लॉटों पर इमारतों के निर्माण का मामला गरमा गया है। एसटीएफ के हत्थे चढ़े जालसाज फर्जी रजिस्ट्री के लिए एलडीए की कॉलोनियों में ऐसे प्लॉट तलाशते थे, जिनके मालिक बरसों से निष्क्रिय थे। फिर ये जालसाज फर्जी कागजात बनाकर नकली मालिक की जगह किसी और खड़ा कर देते और रजिस्ट्री करवा लेते। एनबीटी टीम ने शुक्रवार को विशेष खंड दो, वास्तु खंड तीन और विनम्र खंड एक में फर्जी तरीके से बेचे गए प्लॉटों की मौके पर पड़ताल की तो कई दो से तीन मंजिला मकान बने मिले। ऐसे में इन मकानों का नक्शा पास होने पर भी सवाल उठ रहे हैं। इसके अलावा कई प्लॉट अब भी खाली पड़े हैं।
विशेष खंड: प्लॉट नंबर 2/63 और 2/73 आमने-सामने हैं। प्लॉट नंबर 2/63 पर दो मंजिला बिल्डिंग बन चुकी है और कमर्शल इस्तेमाल हो रहा है। वहीं सामने स्थित प्लॉट नंबर 2/73 पर एक झोपड़ी बनी है। इलाके में ही स्थित प्लॉट नंबर 2/88 पर तीन मंजिला आलीशान इमारत बन चुकी है और परिवार रह रहा है। 

वास्तु खंड: प्लॉट नंबर 3/560 दो मंजिला, प्लॉट 3/583 पर तीन मंजिला बिल्डिंग बन चुकी है। फर्जी दस्तावेजों से बेचे गए दोनों प्लॉटों पर निर्माण होने के साथ ही लोग रह रहे हैं। जबकि प्लॉट नंबर 3/645 और 3/663 फिलहाल खाली पड़े हैं।

विनम्र खंड: प्लॉट संख्या 1/275 पर दो मंजिला बिल्डिंग बन चुकी है और लोग रह रहे हैं। कुछ ही दूरी पर स्थित प्लॉट नंबर 1/266 पर भी दो मंजिला मकान बना है, जो फिलहाल बंद है।
एसटीएफ की जांच में फर्जी रजिस्ट्री के जरिए बेचे गए 46 और प्लॉटों की जानकारी सामने आई है। इस तरह जालसाजों के गिरोह की ओर से फर्जी ढंग से बेचे गए प्लॉटों की तादाद 126 हो गई है। एसटीएफ इन सभी प्लॉटों से जुड़े दस्तावेज खंगाल रही है। इसके साथ गिरोह में शामिल दो अन्य सदस्यों को भी तलाश रही है।

अब तक 126 केस आए सामने

एसटीएफ ने फर्जी दस्तावेज बनाकर प्लॉट बेचने वाले गिरोह के छह जालसाजों को गुरुवार को गिरफ्तार किया था। इन आरोपितों के पास 23 प्लॉटों के फर्जी दस्तावेज बरामद हुए थे। छानबीन में आरोपितों की गाड़ियों से 46 और प्लॉटों के दस्तावेज मिले। एसटीएफ के डीएसपी दीपक सिंह ने बताया िक अब तक 126 प्लॉटों की रजिस्ट्री के कागजात मिले हैं। इसके साथ आरोपितों से पूछताछ में पता चला है कि गिरोह में सिंकू सिंह और सुनील मिश्रा भी शामिल थे, जिनकी तलाश में दबिश दी जा रही है।
एसटीएफ ने आरोपितों के पास से बरामद कागजात का ब्योरा एलडीए को भेजकर पूछा है कि कौन सी फाइल किस बाबू के पास थी। इसके बाद संबंधित बाबुओं से पूछताछ की जाएगी। पता लगाया जाएगा कि फाइल उनकी कस्टडी में होने के बावजूद ब्योरा जालसाजों के पास कैसे पहुंचा? माना जा रहा है कि जांच में एलडीए के कई बाबू भी नप सकते हैं।
जांच में सामने आया है कि जालसाज एलडीए के दस्तावेज से प्लॉट मालिक के आधार और पैन की कॉपी हासिल कर लेते थे। इसके बाद मुकेश मौर्य और राम बहादुर स्कैनर की मदद से मैट पेपर पर फर्जी आधार तैयार करते थे। इसके लिए एलआरएस ग्लॉसी पेपर इस्तेमाल होता था।

फर्जी रजिस्ट्री वाले प्लॉटों पर तन गईं इमारतें, अब तक 126 मामले सामने आए, नक्शा पास करने पर भी सवाल

Edited By: राहुल पराशर|नवभारत टाइम्स
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Lucknow Buildings Fake Registration: लखनऊ में फर्जी रजिस्ट्री वाले प्लॉट्स पर इमारतों के निर्माण का मामला सामने आया है। अब तक इस प्रकार के 126 केस सामने आए हैं। इसके बाद नक्शा पास किया जाना भी सवालों के घेरे में आ गया है। संपत्ति विभाग के बाबू इस मामले में जांच के दायरे में आ रहे हैं।

Lucknow Fake Registry Building News
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में फर्जी रजिस्ट्री वाले प्लॉटों पर इमारतों के निर्माण का मामला गरमा गया है। एसटीएफ के हत्थे चढ़े जालसाज फर्जी रजिस्ट्री के लिए एलडीए की कॉलोनियों में ऐसे प्लॉट तलाशते थे, जिनके मालिक बरसों से निष्क्रिय थे। फिर ये जालसाज फर्जी कागजात बनाकर नकली मालिक की जगह किसी और खड़ा कर देते और रजिस्ट्री करवा लेते। एनबीटी टीम ने शुक्रवार को विशेष खंड दो, वास्तु खंड तीन और विनम्र खंड एक में फर्जी तरीके से बेचे गए प्लॉटों की मौके पर पड़ताल की तो कई दो से तीन मंजिला मकान बने मिले। ऐसे में इन मकानों का नक्शा पास होने पर भी सवाल उठ रहे हैं। इसके अलावा कई प्लॉट अब भी खाली पड़े हैं।
विशेष खंड: प्लॉट नंबर 2/63 और 2/73 आमने-सामने हैं। प्लॉट नंबर 2/63 पर दो मंजिला बिल्डिंग बन चुकी है और कमर्शल इस्तेमाल हो रहा है। वहीं सामने स्थित प्लॉट नंबर 2/73 पर एक झोपड़ी बनी है। इलाके में ही स्थित प्लॉट नंबर 2/88 पर तीन मंजिला आलीशान इमारत बन चुकी है और परिवार रह रहा है।

वास्तु खंड: प्लॉट नंबर 3/560 दो मंजिला, प्लॉट 3/583 पर तीन मंजिला बिल्डिंग बन चुकी है। फर्जी दस्तावेजों से बेचे गए दोनों प्लॉटों पर निर्माण होने के साथ ही लोग रह रहे हैं। जबकि प्लॉट नंबर 3/645 और 3/663 फिलहाल खाली पड़े हैं।

विनम्र खंड: प्लॉट संख्या 1/275 पर दो मंजिला बिल्डिंग बन चुकी है और लोग रह रहे हैं। कुछ ही दूरी पर स्थित प्लॉट नंबर 1/266 पर भी दो मंजिला मकान बना है, जो फिलहाल बंद है।

एसटीएफ की जांच में फर्जी रजिस्ट्री के जरिए बेचे गए 46 और प्लॉटों की जानकारी सामने आई है। इस तरह जालसाजों के गिरोह की ओर से फर्जी ढंग से बेचे गए प्लॉटों की तादाद 126 हो गई है। एसटीएफ इन सभी प्लॉटों से जुड़े दस्तावेज खंगाल रही है। इसके साथ गिरोह में शामिल दो अन्य सदस्यों को भी तलाश रही है।

अब तक 126 केस आए सामने

एसटीएफ ने फर्जी दस्तावेज बनाकर प्लॉट बेचने वाले गिरोह के छह जालसाजों को गुरुवार को गिरफ्तार किया था। इन आरोपितों के पास 23 प्लॉटों के फर्जी दस्तावेज बरामद हुए थे। छानबीन में आरोपितों की गाड़ियों से 46 और प्लॉटों के दस्तावेज मिले। एसटीएफ के डीएसपी दीपक सिंह ने बताया िक अब तक 126 प्लॉटों की रजिस्ट्री के कागजात मिले हैं। इसके साथ आरोपितों से पूछताछ में पता चला है कि गिरोह में सिंकू सिंह और सुनील मिश्रा भी शामिल थे, जिनकी तलाश में दबिश दी जा रही है।

एसटीएफ ने आरोपितों के पास से बरामद कागजात का ब्योरा एलडीए को भेजकर पूछा है कि कौन सी फाइल किस बाबू के पास थी। इसके बाद संबंधित बाबुओं से पूछताछ की जाएगी। पता लगाया जाएगा कि फाइल उनकी कस्टडी में होने के बावजूद ब्योरा जालसाजों के पास कैसे पहुंचा? माना जा रहा है कि जांच में एलडीए के कई बाबू भी नप सकते हैं।

जांच में सामने आया है कि जालसाज एलडीए के दस्तावेज से प्लॉट मालिक के आधार और पैन की कॉपी हासिल कर लेते थे। इसके बाद मुकेश मौर्य और राम बहादुर स्कैनर की मदद से मैट पेपर पर फर्जी आधार तैयार करते थे। इसके लिए एलआरएस ग्लॉसी पेपर इस्तेमाल होता था।

एलडीए अधिकारी ने क्या कहा?

एलडीए अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा ने कहा कि संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है। पूरे मामले की जांच करवाई जा रही है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। फर्जीवाड़ा रोकने के लिए एलडीए अब खाली प्लॉटों का सर्वे कराएगा। इसके साथ आवंटियों की रजिस्ट्री करवाने और कब्जा देने के लिए अभियान भी चलाया जाएगा। बड़ी संख्या में प्लॉटों की फर्जी रजिस्ट्री के खुलासे के बाद एलडीए वीसी ने शुक्रवार को अफसरों के साथ बैठक में ये निर्देश दिए। वीसी ने बताया िक रजिस्ट्री में फर्जीवाड़े पर लगाम के लिए एसओपी जारी की जाएगी।

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